TOP BANNER
Sponsored

दूध और समोसा बेचते हैं पिता, चुनौतियों को मात देकर बेटियां बनीं झारखंड टॉपर

मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है. जी हां, इस कहावत को सच कर दिखाया है झारखण्ड चक्रधरपुर की उन दो बेटियों ने जो बेहद गरीब घर से आती हैं. लेकिन इनकी काबलियत को आज पूरा झारखण्ड सलाम कर रहा है.

Manish Singh Avatar
By Manish Singh Jun 22, 2022 Jun 22 44 Views
Share

मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है. जी हां, इस कहावत को सच कर दिखाया है झारखण्ड चक्रधरपुर की उन दो बेटियों ने जो बेहद गरीब घर से आती हैं. लेकिन इनकी काबलियत को आज पूरा झारखण्ड सलाम कर रहा है. हम बात कर रहे हैं चक्रधरपुर के कारमेल स्कूल में पढ़ने वाली तानिया शाह और निशु कुमारी की, जिन्होंने दसवीं की बोर्ड परीक्षा में कुल 490 अंक लाकर स्टेट टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है. इन दो छात्राओं के बेहतरीन प्रदर्शन से चक्रधरपुर कारमेल स्कूल के टीचर्स भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. वहीं, दोनों के माता-पिता भी गर्व से फूले नहीं समा रहे. सबसे बड़ी बात यह है की जैक बोर्ड में स्टेट टॉपर तानिया शाह और निशु कुमारी बेहद गरीब परिवार से आती हैं.

तानिया शाह के पिता सतीश शाह चाय समोसा बेचकर घर चलाते हैं, लेकिन उन्होंने एक पिता होने का फर्ज पूरा निभाया है. बेटी की पढ़ाई में कभी भी कोई कमी नहीं की. बेटी ने भी आज अपने मेहनतकश पिता का मान सम्मान पूरे राज्य में बढ़ा दिया.

तानिया शाह चक्रधरपुर के पोटका स्थित इचिंडासाई की रहने वाली है. उनकी माता नीलू देवी एक गृहणी हैं. तानिया शाह ने बताया कि वह आगे इंटर में अपनी पढ़ाई गणित के साथ साइंस लेकर जारी रखेंगी. वह केंद्रीय विद्यालय से बारहवीं की पढ़ाई पूरी करना चाहती हैं. तानिया अपनी इस सफलता का श्रेय माता पिता और शिक्षकों को दे रही हैं. तानिया शाह ने कहा कि आप जब प्लानिंग के साथ पढ़ाई करते हैं तो सफलता जरूर मिलती है.

MIDDLE
Sponsored

तानिया शाह को मिले कितने अंक? अंग्रेजी में 95, हिंदी में 98, गणित में 100, विज्ञान में 99, सामाजिक विज्ञान में 98 और आईटीसी में 88 अंक मिले हैं. तानिया शाह को 500 में से 490 अंक मिले हैं.

डेयरी फार्म चलाते हैं निशु के पिता वहीं दूसरी स्टेट टॉपर निशु कुमारी के पिता दिनेश कुमार यादव भी अपना छोटा सा डेयरी फार्म चलाते हैं. घर-घर दूध बेचकर बेटी को पढ़ाने वाले दिनेश कुमार यादव भी आज बेटी पर गर्व कर रहे हैं. बेटी के बेहतरीन अंकों ने पिता दिनेश कुमार यादव को भी सम्मान के साथ एक नई पहचान दी है. निशु की माता इंदु देवी गृहणी हैं. वह भी बेटी के टॉपर बनने से खुश हैं. निशु कुमारी चक्रधरपुर के रिटायर्ड कॉलोनी वार्ड संख्या 17 की रहने वाली हैं.

निशु को मिले कितने अंक? निशु को हिंदी में 98, अंग्रेजी में 97, गणित में 100, विज्ञान में 100, सामाजिक विज्ञान में 95, आईटीएस में 84 अंक मिले हैं. निशु कुमारी ने 500 में से 490 अंक हासिल किए हैं. निशु कुमारी ने बताया कि उसने ये सोचकर पढ़ाई नहीं की थी कि उसे टॉपर बनना है. बल्कि उसने यह सोचा था कि वह परीक्षा में अपने बेस्ट देगी. इसी जज्बे ने उसे आज टॉपर बनाया. निशु भी अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ साथ शिक्षकों को दिया है.

MIDDLE
Sponsored
AD
Advertise With Us
Reach your target audience with premium placements
AD
Advertise With Us
Promote your brand to thousands of daily visitors
300x250 Learn More

रोजाना नई नई खबर पढ़ने के लिए हमारे Whatsapp Channel को ज्वाइन करें। हम केवल सुबह और शाम को खबरे ग्रुप में डालते है। हमारा वादा है की आप इस ग्रुप से जुड़ कर निराश नहीं होंगे। हमारे Whatsapp Channel से जुड़ने क लिए धन्यवाद।

Join Now

Related Stories