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क्रिसमस काे लेकर उत्साह, आज ही हुआ था ईशु मसीह का जन्म, जानें इसका इतिहास

Christmas 2020: क्रिसमस की तैयारियां शुरू हो गई हैं. क्रिसमस का पर्व ईसाई धर्म का प्रमुख पर्व है. भारत में भी यह पर्व खूब धूमधाम से मनाया जाता है. क्रिसमस को बड़ा दिन भी कहा जाता है. इस दिन को प्रभु यीशु का जन्म हुआ था, जिन्होंने पूरी दुनिया को प्रेम और दया का संदेश

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By Manish Singh Dec 24, 2020 Dec 24 19 Views
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Christmas 2020: क्रिसमस की तैयारियां शुरू हो गई हैं. क्रिसमस का पर्व ईसाई धर्म का प्रमुख पर्व है. भारत में भी यह पर्व खूब धूमधाम से मनाया जाता है. क्रिसमस को बड़ा दिन भी कहा जाता है. इस दिन को प्रभु यीशु का जन्म हुआ था, जिन्होंने पूरी दुनिया को प्रेम और दया का संदेश दिया था.
ऐसा माना जाता है कि क्रिसमस शब्द की उत्पत्ति क्राइस्ट से हुई है. दुनिया में पहली बार क्रिसमस का पर्व रोम में 336 ई. में रोम में मनाया गया था. इस दिन को ईसा मसीह के जन्मदिन के रूप में मनाने की पंरपरा है.
ईसा मसीह का जन्म ऐसे हुआ था
पौराणिक कथा के अनुसार प्रभु यीशु ने यूसुफ मरीयम के यहां जन्म लिया था. ऐसा माना जाता है कि मरीयम को एक सपने में भविष्यवाणी सुनाई दी कि उन्हें प्रभु के पुत्र के रूप में यीशु को जन्म देना है. भविष्यवाणी के मुताबिक मरियम गर्भवती हुईं. गर्भवास्था के दौरान मरियम को बेथलहम की यात्रा करनी पड़ी. रात होने के कारण उन्होंने रूकने का फैसला किया, लेकिन कहीं कोई ठिकाना नहीं नहीं मिला. तब एक वे गुफा जहां पुश पालने वाले गडरिए रहते थे. अगले दिन इसी गुफा में प्रभु यीशु का जन्म यहीं हुआ.

सांता क्लॉज का बच्चों को रहता हैं इंतजार
क्रिसमस के पर्व में बच्चों को सांता क्लॉज का इंतजार रहता है. सांता क्लॉज का असली नाम संता निकोलस था. पौराणिक कथाओं के अनुसार इनका जन्म ईसा मसीह की मृत्यु के लगभग 280 साल बाद मायरा में हुआ था. ये प्रभु यीशु के परम भक्त थे. सांता बहुत दयालु थे और हर जरूरतमंंद व्यक्ति की मदद किया करते थे. सांता प्रभु यीशू के जन्मदिन पर रात में बच्चों को उपहार देते थे. पारंपरिक रूप से क्रिसमस का पर्व 12 दिनों मनाया जाता है.

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