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गावां में बाल श्रम कानून की उड़ रही धज्जियां, सरकारी पुल निर्माण कार्य में बच्चियों से कराया जा रहा काम

गावां, गिरिडीह गावां प्रखंड में बाल श्रम कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। प्रखंड के अलग-अलग सरकारी निर्माण कार्यों में नाबालिग बच्चियों से काम कराया जा रहा है। जिसे रोकने में यहां के शासन और प्रशासन दोनों असफल साबित हो रहा है। बता दें कि गावां प्रखंड के बंगलासोत नदी के ऊपर महरको

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By Manish Singh Jan 2, 2023 Jan 2 29 Views
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गावां, गिरिडीह

गावां प्रखंड में बाल श्रम कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। प्रखंड के अलग-अलग सरकारी निर्माण कार्यों में नाबालिग बच्चियों से काम कराया जा रहा है। जिसे रोकने में यहां के शासन और प्रशासन दोनों असफल साबित हो रहा है। बता दें कि गावां प्रखंड के बंगलासोत नदी के ऊपर महरको से आरागारो के बीच बन रहे पुल निर्माण कार्य में नाबालिग बच्चियों से काम कराया जा रहा है। गत दिन पुल के ऊपरी पीलर और छत की ढलाई में 14 से 15 साल की बच्चियों से काम कराया जा रहा है। पूछने पर मुंशी ने बताया कि विद्यालय बंद रहने के कारण गांव के मजदूरों के साथ बच्चियां काम करने आ गई थी।

पुल निर्माण में अवैध बालू का हो रहा है प्रयोग

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बंगलासोत नदी में महरको से आरागारो के बीच बनाये जा रहे पुल निर्माण में अवैध बालू का भी प्रयोग किया जा रहा है। दिन के उजाले में बंगलासोत नदी से ही अवैध बालू का उठाव कर पुल निर्माण कार्य में लगाया जा रहा है। इससे सरकार के राजस्व का भी चुना लग रहा है। क्योंकि गावां प्रखंड के एक भी बालू घाटों का टेंडर नहीं हुआ है। ऐसे में अवैध बालू का उठाव कर पुल निर्माण कार्य में लगाया जा रहा है।

बगैर जेई के उपस्थिति में हो रही है ढलाई

महरको से आरागारो के निर्माणाधीन पुल में गत दिन की ढलाई बगैर जेई के उपस्थिति में की जा रही थी। जेई से जब इसकी जानकारी लेने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। वहां नाबालिग बच्चियों से काम करा रहे मजदूर के मुंशी से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि एक दिन पूर्व पुल की ढलाई में जेई आया था और दूसरे दिन की ढलाई में नहीं आया है। बता दें कि गावां प्रखंड में बगैर जेई के उपस्थिति में कोई भी निर्माण कार्य होना आम बात हो गया। सड़क से लेकर पुल निर्माण कार्य तक के ढलाई में जेई की उपस्थिति न के बराबर होती है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता के साथ भी छेड़छाड़ किया जाता है। जिस कारण सड़क और पुल बनने के महज एक साल के बाद ही दरार आने लगती है।

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छुट्टी से लौटने के बाद जांच कर की जायेगी कार्रवाई : एसडीएम

इस संबंध में जब खोरीमहुआ एसडीएम धीरेन्द्र से बात किया गया तो उन्होंने कहा कि वह फिलहाल छुट्टी में हैं। छुट्टी से लौटने के बाद मामले की जांच कर कार्रवाई जायेगी। पुल निर्माण में यदि नाबालिग बच्चियों से काम कराया जा रहा है तो वह गलत है।

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