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आईआईटी (आईएसएम) धनबाद और संसार ग्रीन का समझौता, एआई तकनीक से जैविक खेती को नई दिशा

Giridih: झारखंड में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी (आईएसएम) धनबाद और संसार ग्रीन स्टार्टअप के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह पहल CHE IIT (ISM) फाउंडेशन के अंतर्गत इनक्यूबेट की गई है। गिरिडीह शहर के बक्सीडीह रोड निवासी कंपनी के निदेशक राजीव सिंह और रिमी सिंह इस परियोजना का नेतृत्व


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Giridih: झारखंड में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी (आईएसएम) धनबाद और संसार ग्रीन स्टार्टअप के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह पहल CHE IIT (ISM) फाउंडेशन के अंतर्गत इनक्यूबेट की गई है। गिरिडीह शहर के बक्सीडीह रोड निवासी कंपनी के निदेशक राजीव सिंह और रिमी सिंह इस परियोजना का नेतृत्व कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह कदम किसानों को टिकाऊ और लाभकारी खेती की दिशा में बड़ा सहारा देगा।

इस परियोजना के तहत किसानों को मिट्टी स्वास्थ्य का विश्लेषण, फसल के अनुसार सिफारिशें, प्रशिक्षण मॉड्यूल और विशेषज्ञ हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा किसानों को प्रत्यक्ष बाजार से जोड़ा जाएगा ताकि उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके। स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर माइक्रोबियल स्ट्रेन बैंक भी स्थापित किया जाएगा जिससे क्षेत्र-विशिष्ट बायो फर्टिलाइज़र, बायो पेस्टिसाइड और उच्च गुणवत्ता वाले ऑर्गेनिक बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि सूक्ष्मजीव जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं। ऐसे में स्थानीय स्ट्रेन की उपलब्धता खेती को आसान बनाएगी और किसानों को बेहतर परिणाम दिलाएगी। एआई तकनीक किसानों को यह जानकारी भी देगी कि उनकी मिट्टी में कौन सी फसल सबसे उपयुक्त है और पैदावार बढ़ाने के लिए कौन से कदम उठाने जरूरी हैं।

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निदेशक राजीव सिंह ने कहा कि यह परियोजना झारखंड को ऑर्गेनिक राज्य बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी। वहीं निदेशक रिमी सिंह ने कहा कि हम तकनीक, विज्ञान और स्थानीय ज्ञान को जोड़कर जैविक खेती को लाभकारी और विस्तार योग्य बनाएंगे।

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