गिरिडीह : दुर्गा पूजा समाप्त होते ही गिरिडीह जिले में जुए के खेल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, त्योहारों के इस मौसम में कई इलाकों में ताश के जरिए जुआ खेलने का सिलसिला बढ़ जाता है। दीपावली के आसपास दांव की रकम बढ़ने और छठ पूजा तक कई स्थानों पर बड़े स्तर पर खेल संचालित होने की बात कही जा रही है।
ताश की पत्तियां, शराब की बोतलें और सिगरेट का धुआं
शाम ढलने के बाद कथित जुआ अड्डों पर ताश की गड्डियां खुलने के साथ नकद रकम का दांव लगाए जाने की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ स्थानों पर जुए के साथ शराब और सिगरेट का भी इस्तेमाल होता है। देर रात तक चलने वाले इन खेलों से आसपास के लोगों को परेशानी होने की बात भी कही जा रही है।
कहीं लोकल तो कहीं संगठित तरीके से खेल
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कुछ स्थानों पर स्थानीय लोग ही फड़ लगाकर जुआ खेलते हैं, जबकि कुछ जगहों पर बाहरी लोगों की आवाजाही और संगठित तरीके से खेल संचालित किए जाने की चर्चा है। कुछ कथित अड्डों पर हर बाजी से कमीशन लिए जाने की बात भी सामने आ रही है।
छोटी बाजी से लाखों तक का दांव
जुए के खेल में छोटी रकम से शुरुआत होने के बाद कई बार दांव काफी बढ़ जाने की बात कही जा रही है। हारने वाला खिलाड़ी रकम वापस पाने की उम्मीद में अगली बाजी लगाता रहता है, जबकि जीतने वाला कुछ समय के लिए मालामाल नजर आता है। इसी चक्कर में कई लोगों के बड़ी रकम गंवाने और कर्ज में फंसने की स्थिति बन सकती है।
जिले के कई इलाकों में गतिविधियों की चर्चा
स्थानीय सूत्रों ने गिरिडीह शहरी क्षेत्र के अलावा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के कई इलाकों में जुआ खेले जाने की बात कही है। हालांकि, बताए गए सभी स्थानों पर वर्तमान में जुआ संचालित होने और किसी एक संगठित गिरोह द्वारा पूरे जिले में इसका संचालन किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पहले भी सामने आ चुकी है पुलिस कार्रवाई
गिरिडीह जिले में जुआ खेलने और जुआ अड्डों के खिलाफ पहले भी पुलिस कार्रवाई की खबरें सामने आती रही हैं। ऐसे में त्योहारों के दौरान जुए की गतिविधियों को लेकर एक बार फिर पुलिस की निगरानी और कार्रवाई पर लोगों की नजर है।
जुए का असर सिर्फ हार-जीत तक नहीं
जुए में पैसे गंवाने का असर केवल संबंधित व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता। लगातार नुकसान के बाद रकम वापस जीतने की कोशिश परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी असर डाल सकती है। कर्ज बढ़ने और पारिवारिक तनाव की स्थिति पैदा होने की आशंका भी बनी रहती है।
अब निगाह पुलिस कार्रवाई पर
स्थानीय लोगों की मांग है कि त्योहारों के दौरान संदिग्ध स्थानों पर नियमित गश्ती और जांच बढ़ाई जाए। साथ ही, अगर कहीं संगठित तरीके से जुआ संचालित हो रहा है तो उससे जुड़े लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाए।







