समृद्ध डेस्क : करवा चौथ के दिन पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना को लेकर महिलाएं निर्जला व्रत रखेंगी। इस बार व्रत के साथ मौसम भी महिलाओं की परीक्षा ले सकता है। कल झारखंड में आसमान में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में बारिश या गरज-चमक की संभावना है। ऐसे में रात में चंद्र दर्शन के समय बादल परेशानी खड़ी कर सकते हैं।
करवा चौथ पर दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद महिलाएं शाम को पूजा और करवा चौथ की कथा करती हैं। इसके बाद चंद्रमा के दर्शन का इंतजार रहता है। चांद निकलने पर अर्घ्य देने और पति का चेहरा छलनी से देखने के बाद व्रत खोलने की परंपरा है। ऐसे में अगर चंद्रोदय के समय आसमान में बादल रहे तो व्रती महिलाओं को चांद के साफ दिखाई देने तक इंतजार करना पड़ सकता है।
यह है चंद्रोदय का समय
गिरिडीह में कल शाम चंद्रोदय करीब 7 बजकर 47 मिनट के आसपास बताया गया है। हालांकि, यह अनुमानित समय है। स्थानीय मौसम, बादलों और आसपास की भौगोलिक स्थिति के कारण चांद के प्रत्यक्ष दर्शन का समय अलग हो सकता है।
मौसम के पूर्वानुमान के मुताबिक कल गिरिडीह में बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज-चमक की संभावना है। ऐसे में करवा चौथ की शाम मौसम साफ रहता है या बादल चंद्र दर्शन में बाधा बनते हैं, इस पर व्रती महिलाओं की नजर रहेगी।
हालांकि, बादल रहने का मतलब यह नहीं है कि चांद दिखाई ही नहीं देगा। कई बार बादलों के बीच से भी चंद्रमा के दर्शन हो जाते हैं। इसलिए व्रती महिलाओं को निर्धारित समय के आसपास मौसम की स्थिति देखते हुए कुछ समय इंतजार करना पड़ सकता है।
बड़ों का लें मार्गदर्शन
अगर चंद्रोदय के निर्धारित समय पर चांद बादलों के कारण दिखाई नहीं देता है, तो व्रत खोलने और अर्घ्य देने को लेकर अलग-अलग धार्मिक परंपराएं हैं। ऐसी स्थिति में अपने परिवार की परंपरा या स्थानीय पुरोहित के मार्गदर्शन के अनुसार पूजा-विधान पूरा करना उचित रहेगा।
इस करवा चौथ गिरिडीह की व्रती महिलाओं के लिए पूजा के साथ मौसम पर भी नजर रखना जरूरी होगा। अब देखना होगा कि कल शाम आसमान साफ होता है या फिर बादल चांद के दीदार में अड़चन बनते हैं।







