लोक लेखा समिति की जांच में सामने आईं बड़ी खामियां, फैक्ट्री इंस्पेक्टर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
रिपोर्ट : विकाश मिश्रा
गिरिडीह। मोंगिया स्टील में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर शिकायत के बाद झारखंड विधानसभा की लोक लेखा समिति की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार यादव के अनुसार, जांच के दौरान मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी खामियां सामने आई हैं। मजदूरों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने से लेकर अन्य व्यवस्थाओं में भी कमी की बात सामने आई है।
लेबर एक्ट और प्रदूषण नियमों के पालन पर भी सवाल
समिति की जांच के दौरान मोंगिया स्टील में लेबर एक्ट के प्रावधानों और प्रदूषण से जुड़े नियमों के अनुपालन को लेकर भी सवाल उठाए गए। समिति के समक्ष कंपनी की कार्यप्रणाली और संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर कई बिंदु सामने आए हैं।
इसके अलावा कंपनी की ओर से CSR के तहत किए जाने वाले कार्यों और खर्च का भी पूरा हिसाब स्पष्ट नहीं होने की बात सामने आई है। इससे कंपनी की जवाबदेही और संबंधित रिकॉर्ड की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।
मजदूरों की सुरक्षा में बड़ी खामियां
लोक लेखा समिति के अध्यक्ष ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद समिति की टीम ने स्वयं मौके पर जाकर जांच की। जांच के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजामों में बड़ी कमियां पाई गईं। बूट, हेलमेट और दस्ताने जैसे जरूरी सुरक्षा उपकरणों को लेकर भी व्यवस्था पर सवाल सामने आए।
समिति की मौके पर जांच के बाद अब मामला केवल शिकायत तक सीमित नहीं रह गया है। जांच में सामने आए तथ्यों को विधानसभा के समक्ष रिपोर्ट के रूप में रखा जाएगा।
फैक्ट्री इंस्पेक्टर की भूमिका पर सवाल
मामले में समिति सदस्यों ने फैक्ट्री इंस्पेक्टर की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। समिति सदस्यों का कहना था कि यदि फैक्ट्री में मजदूरों की सुरक्षा, श्रम कानूनों और अन्य नियमों के पालन में इतनी बड़ी कमियां थीं, तो संबंधित निरीक्षण व्यवस्था की भूमिका भी सवालों के घेरे में आती है।
समिति सदस्यों ने फैक्ट्री इंस्पेक्टर के कार्यों में अनियमितता बरते जाने की बात कही।
कार्यों में अनियमितता या फैक्ट्री प्रबंधन से साठगांठ? बड़ा सवाल
समिति सदस्यों द्वारा फैक्ट्री इंस्पेक्टर के कार्यों में अनियमितता पर सवाल उठाए जाने के बाद अब एक बड़ा सवाल खड़ा होता है कि मामला केवल निरीक्षण कार्य में लापरवाही और अनियमितता तक सीमित था या फिर फैक्ट्री प्रबंधन के साथ किसी तरह की मिलीभगत थी?
हालांकि साठगांठ का आरोप अभी जांच का विषय है और इसे बिना जांच के तथ्य नहीं माना जा सकता, लेकिन समिति सदस्यों द्वारा निरीक्षण व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने के बाद यह पहलू भी जांच के दायरे में आने की जरूरत बताई जा रही है।
विधानसभा में रखी जाएगी जांच की रिपोर्ट
लोक लेखा समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार यादव ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान सामने आई खामियों की रिपोर्ट विधानसभा में प्रस्तुत की जाएगी। रिपोर्ट में जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और अनियमितताओं को शामिल किया जाएगा।
अब देखना होगा कि विधानसभा के समक्ष रिपोर्ट रखे जाने के बाद मोंगिया स्टील से जुड़े इन मामलों और फैक्ट्री इंस्पेक्टर की भूमिका पर क्या कार्रवाई होती है।







