गिरिडीह : डुमरी-गिरिडीह मुख्य मार्ग पर बंदरकुप्पी के समीप एएसआई के बेटे ऋतिक यादव की हत्या के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। एसपी डॉ. बिमल कुमार ने मामले के उद्भेदन के लिए विशेष जांच दल का गठन किया है। सदर एसडीपीओ जीतबाहन उरांव के नेतृत्व में गठित टीम ने कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है।
जांच टीम में मुफस्सिल थाना प्रभारी ज्ञान रंजन, नगर थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो और स्पेशल सेल के मणिकांत की टीम शामिल है। पुलिस मामले में आधा दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ कर रही है। इनमें बंदरकुप्पी के मैगी पॉइंट से जुड़े दुकानदार के अलावा आजसू छात्र संघ से जुड़े कुछ लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
जांच के दौरान सतीश यादव का नाम सामने आया है। सतीश पीरटांड़ थाना क्षेत्र के नावाडीह का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। बताया जाता है कि सतीश आजसू छात्र संघ की जिला कमेटी में जिला उपाध्यक्ष है।
सतीश की तलाश में अलग टीम
सतीश यादव की तलाश के लिए पुलिस की एक टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। वहीं हत्याकांड से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस घटनास्थल और आसपास के इलाकों से तकनीकी साक्ष्य जुटाने में लगी है, ताकि घटना के दौरान मौजूद लोगों और वारदात के बाद की गतिविधियों की जानकारी सामने आ सके।
मैगी खाने के दौरान हुआ था विवाद
जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात करीब 10:30 बजे ऋतिक यादव अपने दोस्तों के साथ बंदरकुप्पी स्थित मैगी पॉइंट पहुंचा था। इसी दौरान वहां सतीश यादव से किसी बात को लेकर उसकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद सतीश ने अपने साथियों को बुलाया और ऋतिक तथा उसके दोस्तों के साथ मारपीट की।
मारपीट में ऋतिक गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में उसकी मौ’त हो गई। घटना की सूचना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और अब विशेष जांच दल के जरिए आरोपियों की तलाश के साथ पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पूछताछ, छापेमारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।





