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15 लाख का इनामी दुर्दांत नक्सली कृष्णा हांसदा चढ़ा पुलिस के हत्थे, करीब 2 लाख नगद समेत अन्य कई सामानों की भी हुई बरामदगी

गिरिडीह : झारखंड के गिरिडीह, धनबाद व बोकारो जिले में आतंक का पर्याय बन चुका कुख्यात नक्सली कृष्णा हांसदा, उर्फ़ सौरभ दा, उर्फ़ अभिनाश दा अब पुलिस के गिरफ्त में हैं. वर्षों से उसके गिरफ्तारी में जुटी 3 जिलों के पुलिस में आखिरकार गिरिडीह जिले के पुलिस को सफलता हाथ लगी और इस बार बिना


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गिरिडीह : झारखंड के गिरिडीह, धनबाद व बोकारो जिले में आतंक का पर्याय बन चुका कुख्यात नक्सली कृष्णा हांसदा, उर्फ़ सौरभ दा, उर्फ़ अभिनाश दा अब पुलिस के गिरफ्त में हैं. वर्षों से उसके गिरफ्तारी में जुटी 3 जिलों के पुलिस में आखिरकार गिरिडीह जिले के पुलिस को सफलता हाथ लगी और इस बार बिना मौका गंवाए पुलिस ने कृष्णा हांसदा को गिरफ्तार कर लिया. बता दें कि गिरफ्तार नक्सली कृष्णा हांसदा पर सरकार ने एक लाख, 2 लाख नहीं बल्कि पुरे 15 लाख इनाम की घोषणा कर रखी थी. वहीं इसकी गिरफ़्तारी नक्सल अभियान में जुटी पुलिस के लिए बहुत बड़ी कामयाबी मानी जा रही है. यूँ कहें तो शातिर कृष्णा हांसदा को पकड़कर पुलिस ने माओवादियों का कमर तोड़ दिया है.

कई बार पुलिस को चकमा देकर हो चुका था फरार

बता दें कि काफी समय से पुलिस कृष्णा हांसदा के पीछे लगी हुई थी. यह नक्सलियों का रीजनल कमिटी सदस्य है जिसने पारसनाथ उत्तरी-दक्षिणी छोटानागपुर व इससे सटे इलाकों में अपना आतंक फैला रखा था. कई बार पुलिस को उसके इलाके में भ्रमणशील होने की जानकारी मिलती रही. सूचना पर पुलिस ने फौरी कार्रवाई कर सघन अभियान भी चलाया. लेकिन हर बार वह पुलिस को चकमा देकर नौ दो ग्यारह हो जाता था. इलाके में उसने ऐसा नेटवर्क बना रखा था कि पुलिस के सतर्कता बरतने के बावजूद वह पुलिस के हाथ नहीं लग पा रहा था. लेकिन कहते हैं न मुजरिम चाहें कितना भी शातिर क्यों न हो, एक ना एक दिन वो कानून के शिकंजे में आ ही जाता. ऐसा ही कुछ हुआ इस बार कृष्णा हांसदा के साथ और पुलिस कप्तान अमित रेणु की टीम ने बगैर समय और मौका गंवाए उसे दबोच ही लिया. यहां बता दें कि एक करोड़ के इनामी नक्सली और नक्सलियों के थिंक टैंक माने जाने वाले प्रशांत बोस की गिरफ्तारी के बाद पारसनाथ के इलाके का जिम्मा कृष्णा हांसदा के कंधे पर ही थी. वह सीसीए मेम्बर विवेक उर्फ़ प्रयाग दा का अहम सहयोगी था.

लेवी वसूलने आया था लुसियो जंगल

मंगलवार को एसपी अमित रेणु ने इस सन्दर्भ में प्रेसवार्ता कर पूरी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि कृष्णा हांसदा इलाके में अपने दस्ते के साथ भ्रमणशील है और लेवी वसूलने के लिए वह लुसियों जंगल में आया हुआ है. सूचना पर उनके द्वारा डुमरी एसडीपीओ मनोज कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया. इसके बाद जिला पुलिस, सीआरपीएफ और सेट जवानों की टीम ने लुसियो स्थित कठसुरवा पुल की तीन तरफ से घेराबंदी की और फिर भाग रहे कृष्णा हांसदा को पकड़ने में सफलता हाथ लगी.

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पुलिस के सामने उगले हैं कई राज

एसपी श्री रेणु ने बताया कि गिरफ़्तारी के बाद पूछताछ में पुलिस के समक्ष उसने कई राज उगले हैं. पुलिस टीम गहनता से इसकी जांच कर रही है. साथ ही उसके बताए गए अलग अलग ठिकानों से नक्सली वर्दी, पर्ची समेत करीब 2 लाख रूपये नगद, हथियार आदि बरामद किया गया है. उन्होंने कहा कि इलाके में सर्च अभियान जारी है और बरामदगी का सिलसिला जारी है. आगे जो भी अपडेट होगा वो मीडिया से साझा किया जाएगा.

अलग अलग थानों में 50 से अधिक मामले हैं दर्ज

बता दें कि गिरफ्तार कृष्णा हांसदा गिरिडीह जिले के पीरटांड थाना क्षेत्र इलाके के मंझलाडीह टोला के लेढ्वा का रहने वाला है. इसके उपर एक, दो 10 या 20 नहीं बल्कि 50 से अधिक मामले दर्ज हैं. वहीं इसकी गिरफ़्तारी पुलिस के लिए एक बहुत बड़ी कामयाबी भी है. लगातार प्रयास के बाद पुलिस के हाथ लगी इस सफलता को लेकर एसपी श्री रेणु ने टीम में सभी शामिल सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापन किया है.

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छापेमारी टीम में ये थे शामिल

इनामी कृष्णा के गिरफ़्तारी में एसडीपीओ मनोज कुमार, डुमरी अंचल पुलिस निरीक्षक परमेश्वर लियांगी, पुलिस अवर निरीक्षक गोपाल कुमार महतो, साधन कुमार, डील्सन बिरुवा, मृतुन्जय कुमार सिंह, अनिश कुमार, गौरव भगत, पवन कुमार, अजित कुमार व सीआरपीएफ एवं सेट के जवानों का महत्तवपूर्ण योगदान रहा.

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