
जमुआ : प्रखंड के मिर्जागंज स्थित साहू धर्मशाला में दानवीर भामाशाह जयंती श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर समाज के कई वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी और बड़ी संख्या में युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम में धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र प्रसाद साहू, कोडरमा की पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष शालिनी गुप्ता तथा टफकॉन टीएमटी के निदेशक मोहन प्रसाद साव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता बालगोविंद साव ने की तथा संचालन धर्म प्रकाश साव द्वारा किया गया, जिनकी संयोजित प्रस्तुति ने कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दीप प्रज्ज्वलन एवं दानवीर भामाशाह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। इसके पश्चात सभी अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर किया गया। मंच से अपने संबोधन में सांसद ढुल्लू महतो ने कहा कि दानवीर भामाशाह केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि त्याग, समर्पण और राष्ट्रभक्ति के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी भामाशाह द्वारा महाराणा प्रताप का सहयोग करना इस बात का उदाहरण है कि जब समाज संगठित होकर राष्ट्रहित में खड़ा होता है, तब इतिहास रचा जाता है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने का आह्वान किया।

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पूर्व मंत्री योगेंद्र प्रसाद साहू ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक उन्नति शिक्षा, संगठन और संस्कार से ही संभव है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने और नई पीढ़ी को प्रेरणा देने वाला बताया। टफकॉन टीएमटी के निदेशक मोहन प्रसाद साव ने समाज के आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया तथा युवाओं को स्वरोजगार, व्यवसाय और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं शालिनी गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि दानवीर भामाशाह का जीवन समाज सेवा, सहयोग और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे प्रेरणा लेकर महिलाओं और युवतियों को भी शिक्षा और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे आना चाहिए।
समारोह के दौरान सामाजिक एकता, आपसी सौहार्द और समग्र विकास को लेकर सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक संदेशों के साथ हुआ, जिसमें समाज के लोगों ने शिक्षा के प्रसार, आपसी सहयोग को मजबूत करने और संगठित होकर समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प

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