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कृषि विधेयक के विरोध में कल भारत बंद, विपक्षी राजनीतिक दलों ने किया समर्थन का एलान

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गिरिडीह : केंद्र सरकार द्वारा खेती-किसानी को लाभकारी बताते हुए लाए गए तीन विधेयकों को लेकर पूरे देश में राजनीति गरमा गई है। विधेयक का विरोध संसद के बाद अब सड़कों पर जोर पकड़ने लगा है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) समेत विभिन्न किसान संगठनों ने 25 सिंतबर को देशभर में चक्का जाम करने का एलान किया है। किसान संगठनों द्वारा आहूत भारत बंद को विपक्ष में शामिल विभिन्न राजनीतिक दलों का साथ मिल रहा है। भाकपा माले ने भी बंद में समर्थन का ऐलान किया है। इसको लेकर गुरुवार को पार्टी कार्यकर्ताओं ने एक बैठक की।

बैठक की अगुवाई भाकपा माले के राज्य कमेटी सदस्य राजेश कुमार यादव, गिरिडीह विधानसभा प्रभारी राजेश सिन्हा, जिप सदस्य मनोहर हसन बंटी आदि ने किया। इस दौरान कल के भारत बंद को सफल करने के लिए व्यापक रूप से भागीदारी निभाने का निर्णय लिया गया।

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए माले नेताओं ने कहा कि मोदी राज में किसानों के खिलाफ 3 विधेयक पारित किए गए हैं। जिनका एकमात्र मकसद कृषि क्षेत्र में कॉरपोरेट कंपनियों को प्रवेश दिलाना तथा किसानों को उनके शोषण के अधीन धकेल देना है।

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भाकपा माले जैसी पार्टी सरकार की इस नीति को कतई बर्दाश्त नहीं कर सकती। आज पूरे देश के किसान कृषि विधेयकों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। विभिन्न किसान तथा राजनीतिक संगठन भी विरोध में उतरे हुए हैं। उन सबों के साथ मिलकर कल के बंद को सफल करने का आह्वान किया गया है।

कहा कि गिरिडीह जिले में भी विभिन्न प्रखंडों सहित जिला मुख्यालय में बंद के समर्थन में पूरी तैयारी के साथ लोग उतरेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से बंद के समर्थन की अपील करेंगे। उन्होंने आम लोगों से भी बंद का साथ देते हुए खुद को किसानों के साथ खड़ा रहने की अपील की है।

बैठक में प्रदीप यादव, मो. ताज, नौशाद अहमद चांद, उज्ज्वल कुमार, कन्हैया सिंह, विजय भदानी, सलमान, आलम, सैलाब आदि मौजूद थे।

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