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आस्था : चारों सोमवारी पर साइकिल से देवघर गया बनियाडीह का शिव भक्त

मंदिर में एंट्री नहीं मिलने का जताया मलाल गिरिडीह : सदर प्रखंड के बनियाडीह निवासी गणेश यादव की शिव भक्ति को जानकर आप भी हतप्रभ रह जाएंगे। एक तरफ जहां लॉकडाउन को लेकर मंदिर बंद है। वहीं शिव भक्त गणेश यादव ने एक नहीं दो नहीं बल्कि पूरे 4 सोमवारी को जल लेकर साइकिल से


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मंदिर में एंट्री नहीं मिलने का जताया मलाल

गिरिडीह : सदर प्रखंड के बनियाडीह निवासी गणेश यादव की शिव भक्ति को जानकर आप भी हतप्रभ रह जाएंगे। एक तरफ जहां लॉकडाउन को लेकर मंदिर बंद है। वहीं शिव भक्त गणेश यादव ने एक नहीं दो नहीं बल्कि पूरे 4 सोमवारी को जल लेकर साइकिल से बाबा धाम गया। इस दौरान उसने 16 सौ किलोमीटर की यात्रा की। आखिरी सोमवारी की शाम जब गणेश देवघर से वापस बनियाडीह पहुंचे तो गांव की महिलाओं और दोस्तों ने उनका जोरदार ढ़ंग से स्वागत किया।

4 सौ किलोमीटर पड़ती है एक बार की दुरी

इस बाबत शिव भक्त गणेश ने बताया कि सुल्तान गंज से जल लेकर देवघर में भोलेनाथ पर जलार्पण करने की उनकी इच्छा थी, लेकिन रविवार को गाड़ियों के बंद रहने के कारण वो साइकिल से सुल्तानगंज गए और फिर वहां से जल उठाकर देवघर।

ऐसे पूरी की साइकिल से यात्रा

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बताया कि रविवार की सुबह वो 4 बजे निकल जाते थे और उसी दिन शाम को सुल्तानगंज पहुंच थोड़ा आराम करते थे। इसके बाद फिर वे जल उठाकर चल पड़ते थे। जंगल रहने के कारण रात को वे तारापुर में रुक जाते थे और फिर सोमवार की सुबह 4 बजे वो देवघर के लिए निकल पड़ते थे। इसके बाद करीब 11 बजे दिन वो देवघर पहुंचते थे और फिर मंदिर परिसर के पास भगवान भोले को स्मरण कर वे शाम तक बनियाडीह पहुंचते थे।

उन्होंने बताया कि बगैर जलार्पण के उन्हें रहा नहीं जा रहा था। इसलिए उन्होंने साइकिल से ही बाबा दरबार पहुंचने की ठानी। बताया कि मंदिर ने अंदर प्रवेश नहीं मिलने का उन्हें मलाल है। बाबा भोलेनाथ के आशीर्वाद से उनकी यात्रा पूरी हुई।

2009 में शुरू किया डाकबम जाना

गणेश ने पिछले लॉकडाउन के दौरान भी श्रावण की एक सोमवारी पर साइकिल से यात्रा की थी। वहीं 2009 से वे लगातार सोमवारी पर डाकबम के रूप में जाया करते थे। गणेश की इस भक्ति से भरी यात्रा को देखकर यही कहा जा सकता है। आस्था से बड़ा कुछ नहीं हो सकता और भक्ति में अकल्पनीय शक्ति होती है।

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