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नवरात्रि का चौथा दिन मां कुष्मांडा को है समर्पित, जानें पूजा विधि

Chaitra Navratri 2024 Day 4: नवरात्रि के 9 दिन मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री, दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी और तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। वहीं चौथे दिन मां कुष्मांडा की उपासना की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो लोग


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Chaitra Navratri 2024 Day 4: नवरात्रि के 9 दिन मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री, दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी और तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। वहीं चौथे दिन मां कुष्मांडा की उपासना की जाती है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो लोग नवरात्रि में मां कुष्मांडा की पूजा करते हैं, उनके घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। इसके अलावा उनके जीवन में आ रही परेशानियां भी धीरे-धीरे कम होने लगती हैं। आइए अब जानते हैं मां कुष्मांडा की पूजा विधि से लेकर शुभ मुहूर्त के बारे में।

मां कुष्मांडा की पूजा का शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, आज मां कुष्मांडा की पूजा के 2 शुभ मुहूर्त हैं। पहला शुभ मुहूर्त प्रात: काल 04:29 से लेकर 05:14 तक है। वहीं दूसरे शुभ मुहूर्त का आरंभ दोपहर 02:30 से हो रहा है, जिसका समापन 03:21 पर होगा।

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मां कुष्मांडा का प्रिय रंग कौन सा है?
हिंदू मान्यता के अनुसार, मां कुष्मांडा को नारंगी रंग अति प्रिय है। अगर आप मां कुष्मांडा की पूजा करते समय नारंगी रंग के कपड़े पहनते हैं, तो इससे मां प्रसन्न होती हैं। इसके अलावा अपने भक्तों पर सदा अपना आशीर्वाद बनाकर रखती हैं।

मां कुष्मांडा की पूजा विधि
अगर आप भी मां कुष्मांडा का आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो इसके लिए प्रात: काल स्नान करने के बाद स्वच्छ कपड़े पहने।
फिर घर के मंदिर में एक चौकी लगाकर उस पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं।
चौकी पर मां कुष्मांडा की एक तस्वीर रखें।
इसके बाद मां को तिलक लगाएं।
माता को इलायची और सौंफ अर्पित करें। इस दौरान माता कुष्मांडा के मंत्रों का जाप करें।
इसके बाद मां की तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं।
अंत में मां कुष्मांडा की आरती करें।

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