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रिम्स में भर्ती पचंबा की ब्लैक फंगस मरीज उषा देवी की मौत, इलाज में लापरवाही को लेकर झारखंड हाईकोर्ट तक ने जताई थी नाराजगी

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झारखंड की राजधानी रांची स्थित सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में भर्ती म्यूकर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) की महिला मरीज की रविवार को मौत हो गयी। महिला का दो दिन पहले पहले ऑपरेशन हुआ था। इससे पहले समुचित इलाज की व्यवस्था नहीं होने से नाराज झारखंड हाईकोर्ट की ओर से नाराजगी जाहिर की गई थी।हाईकोर्ट की नाराजगी के बाद महिला का ऑपरेशनहाईकोर्ट की तरफ से नाराजगी जाहिर किए जाने के बाद गुरुवार को महिला का ऑपरेशन हुआ था। विभिन्न विभागों के आठ डॉक्टरों की टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाया था।करीब चार घंटे तक चले इस जटिल ऑपरेशन में महिला के मुंह का ऊपरी जबड़ा, नाक की हड्डी और बांयी आंख निकालनी पड़ी थी। डॉक्टरों ने बताया था कि महिला का हिमोग्लोबिन भी काफी कम था। ऑपरेशन के वक्त हिमोग्लोबिन की मात्रा सिर्फ छह थी, इसके बाद भी हाई रिस्क में महिला का ऑपरेशन किया गया और मरीज को कार्डियोलॉजी विभाग के आईसीयू में भर्ती कराया गया था, जहां पर उनकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही थी। इसके बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

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घरवालों का आरोप- इलाज में की गई लापरवाही इधर,महिला की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि इलाज में कोताही बरती गयी, जिससे मरीज की मौत हो गई।गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए सरकार से यह पूछा था कि क्या लोगों को अपने इलाज के लिए जमीन-घर बेचना पड़ेगा।

वहीं महिला के दो बच्चे धरने पर भी बैठे थे और इलाज नहीं होने पर खुदकुशी की चेतावनी दे रहे थे। बाद में इन बच्चों ने मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंच कर ज्ञापन सौंपा था, जहां उन्हें बताया गया था कि मुख्यमंत्री विवेकानुदान कोष से उन्हें अधिकतम 50 हजार से 1 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा सकती है।

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