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शिक्षा ही बदलाव का सबसे सशक्त माध्यम है : त्रिपाठी

गावां : शिक्षा ही बदलाव का सबसे सशक्त माध्यम है। डिजिटल के इस दौर में शिक्षा के बिना इंसान बुलंदियों को नहीं छू सकता। एक समय था, जब हर गांव में प्राथमिक विद्यालय नहीं हुआ करते थे। बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने हेतु मीलों दूर पैदल चलना पड़ता था, मगर अब तो हर गांव में प्राथमिक


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गावां : शिक्षा ही बदलाव का सबसे सशक्त माध्यम है। डिजिटल के इस दौर में शिक्षा के बिना इंसान बुलंदियों को नहीं छू सकता। एक समय था, जब हर गांव में प्राथमिक विद्यालय नहीं हुआ करते थे। बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने हेतु मीलों दूर पैदल चलना पड़ता था, मगर अब तो हर गांव में प्राथमिक विद्यालय हैं फिर भी कुछ बच्चे नामांकन से वंचित रह जाते हैं। कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन के बाल अधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा गावां प्रखण्ड अंतर्गत सभी 17 ग्राम पंचायतों में डोर टू डोर सर्वे कर ऐसे बच्चों को चिन्हित किया गया था, जिनका अभी तक विद्यालय में नामांकन नहीं हुआ है। चिन्हित किए गए बच्चों में से चार दर्जन ऐसे बच्चे निकले जिनका अभी तक आधारकार्ड ही नहीं बना है।

जिन बच्चों का आधारकार्ड नहीं बना है, संबंधित विद्यालयों के सचिव उन बच्चों का नामांकन लेने से मना भी करते हैं। कुछ जगहों के बच्चों को सत्यार्थी फाउंडेशन के बाल अधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा अपनी मोटरसाइकिल से बीआरसी लाकर आधार कार्ड बनवाने के उपरांत उनका नामांकन भी करवाया गया, मगर अभी भी सैकड़ों ऐसे बच्चे हैं, जिनके पास आधारकार्ड न होने की वजह से नामांकन करवाने में दिक्कत हो रही है।
बीआरसी में इतनी ज्यादा भीड़ हो जाती है कि सुदूरवर्ती गांवों के बच्चे 20 से 24 किलोमीटर की दूरी तय करके आते हैं ,फिर भी निराशा हाथ लगती है।
कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन के सहायक परियोजना पदाधिकारी सुरेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि इस मुद्दे पर शुक्रवार को प्रखण्ड विकास पदाधिकारी रामगोपाल पांडेय से मेरी बात हुई है ,मैंने उपरोक्त समस्या से उन्हें अवगत करवाया है। उन्होंने कहा है कि आप ग्रामवार आधारकार्ड से वंचित बच्चों की सूची उपलब्ध करवाइये ताकि दूरदराज से जो भी बच्चे आधारकार्ड बनवाने बीआरसीआएं, उन्हें खाली हांथ न लौटना पड़े। आधारकार्ड के चलते किसी भी बच्चे को नामांकन लेने से मना नहीं किया जा सकता।
कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन की टीम द्वारा पिछ्ले दो सप्ताह के दौरान पहली, छठवीं एवं नौवीं क्लास में कुल 95 बच्चों का नामांकन करवाया जा चुका है।
नामांकन अभियान में बाल अधिकार कार्यकर्ता उदय राय,मो.आरिफ अंसारी, कृष्णा पासवान, सुरेन्द्र सिंह,विरेन्द्र यादव ,विककू कुमार,पंकज कुमार,शिवशक्ति कुमार,नीरज कुमार,वेंकटेश प्रजापति, सतीश मिस्त्री, प्रीति कुमारी,राजेश शर्मा,श्रीराम कुमार,अनिल कुमार,अमित कुमार एवं भीम चौधरी का अहम योगदान रहा।

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