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स्मार्ट फ़ोन का बच्चे उठा रहे हैं लाभ, सुरेंद्र त्रिपाठी

गावां :वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से सबसे ज्यादा असर शिक्षा पर पड़ा, पिछ्ले लगभग 17 महीनों से स्कूल बंद हैं, इस संकटकाल में बच्चों की पढ़ाई पर संकट के बादल मंडराए हैं। मगर हालात ही ऐसे थे कि चाहकर भी सरकार ने स्कूल नहीं खोला जो बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से उपयुक्त भी


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गावां :वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से सबसे ज्यादा असर शिक्षा पर पड़ा, पिछ्ले लगभग 17 महीनों से स्कूल बंद हैं, इस संकटकाल में बच्चों की पढ़ाई पर संकट के बादल मंडराए हैं।
मगर हालात ही ऐसे थे कि चाहकर भी सरकार ने स्कूल नहीं खोला जो बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से उपयुक्त भी था।
स्कूल बंद होने बच्चों के पठन – पाठन का काम धीरे-धीरे बन्द होता चला गया। कुछ समय बाद विषय विशेषज्ञों द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई की शुरुआत की गई, मगर आम आदमी के पास स्मार्ट फोन न होने की वजह से वे चाहकर भी बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई से नहीं जोड़ पाए। बच्चों की पढ़ाई पूर्णरूपेण बन्द था, इसको लेकर नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी काफी चिंतित थे, उन्होंने इस लॉकडाउन के दौरान गिरिडीह एवं कोडरमा बाल पंचायत के बच्चों से जूम मीटिंग के माध्यम कई बार बात भी किया था, बाल पंचायत के बच्चों ने कैलाश सत्यार्थी से कहा था कि हम बच्चे चाहकर भी ऑनलाइन पढ़ाई से नहीं जुड़ पा रहे हैं। मेरे अभिभावक की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं कि वे स्मार्ट फ़ोन खरीदकर हमें दे सकें। बाल पंचायत के बच्चों की समस्याओं से रूबरू होने के बाद सत्यार्थी ने यह निश्चय कर लिया कि इन बच्चों को स्मार्ट फ़ोन बहुत जल्द मुहैया कराया जाएगा,बच्चे देश के स्तम्भ हैं, *झारखण्ड राज्य के सुदूरवर्ती बाल मित्र ग्रामों के होनहार बच्चों की पढ़ाई जारी रह सके,इसके लिए सत्यार्थी आंदोलन पहल करेगा*
बाल पंचायत के बच्चों एवं नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की जूम मीटिंग का प्रतिफल है है गिरिडीह एवं कोडरमा के 6 प्रखंडों में अब तक कुल 850 स्मार्ट फ़ोन स्कूल प्रबंधन समिति एवं संबंधित विद्यालयों के सचिवो को सौपा गया है ताकि नियमित रोस्टर वाइज बच्चे स्मार्ट फोन के माध्यम से पढ़ाई कर सकें,ऑनलाइन पढ़ाई का लाभ देश का भावी भविष्य उठा सकें। कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन के सहायक परियोजना पदाधिकारी सुरेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि स्मार्ट फोंन का उपयोग सही तरीके से हो। ज्यादा से ज्यादा बच्चे इसका फायदा उठा सकें, इसको लेकर रोस्टर बनाया जा रहा है। बाल मित्र ग्राम तारापुर, तराई, बल्थरवा, अमतरो, सिमरापताल महुवरी, कुरची,भेलवा, किशनपुर, सिरी, जमडार,भिखी, अमझर, मानपुर, उपरेली कहुवाई, गदर,पंडरिया,परसौनी सहित गावां प्रखण्ड के लगभग 50 बाल मित्र ग्रामों के बच्चे सत्यार्थी फाउंडेशन द्वारा दिये गए स्मार्ट फ़ोन का लाभ उठा रहे हैं।

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