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अवैध माइका खदान में चाल धसने से दो मजदूरों की मौत

तिसरी : प्रखंड के मनसाडीह पंचायत अंतर्गत सक्सेकिया जंगल के रखवा में संचालित अवैध माइका खदान का जाल धंसने से खदान के अंदर काम कर रहे दो मजदूरों की मौत हो गई. मिली जानकारी के अनुसार खदान में आधा दर्जन से ज्यादा मजदूर काम कर रहे थे, बाकि मजदूरों ने किसी तरह उस खदान से


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तिसरी : प्रखंड के मनसाडीह पंचायत अंतर्गत सक्सेकिया जंगल के रखवा में संचालित
अवैध माइका खदान का जाल धंसने से खदान के अंदर काम कर रहे दो मजदूरों की मौत हो गई. मिली जानकारी के अनुसार खदान में आधा दर्जन से ज्यादा मजदूर काम कर रहे थे, बाकि मजदूरों ने किसी तरह उस खदान से बाहर निकल कर अपनी जान बचाई.

घटना मंगलवार दोपहर 1 बजे की बताई जा रही है इसके बाद इलाके में अफरातफरी का माहौल हो गया. वहीं अवैध माइका खदान को संचालित करने वाले लोग मौके से फरार हो गए. हालांकि देर शाम तक घटनास्थल पर कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा था इधर घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है.

बताया जा रहा है कि वन क्षेत्र में संचालित अवैध माइका खदान बीतें 10 वर्षों से संचालित हो रहा है और इसके संचालन में आधुनिक मशीनों का भी सहारा लिया जा रहा था. पुलिस प्रशासन के नाक के नीचे चल रहे अवैध कारोबार को रोकने के लिए कभी भी कोई कार्रवाई नहीं की गई. जिसका नतीजा है कि अवैध माइका खदान में काम कर रहे मजदूर संजीत राणा व रंजीत राय की जान इस अवैध माईका खदान में चली गई.

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इधर घटना के बाबत मृतक मजदूर रंजित राय के चचेरे भाई ने बताया कि यह खदान कारु मोदी के द्वारा संचालित था. घटना के बाद इसकी सूचना संचालक कारु मोदी दी गई, लेकिन चाल में दबे उसके भाई को निकालने का कोई प्रयास अब तक नहीं किया गया है. वहीं मजदूरों के माइका खदान से मजदूरों का शव बाहर नहीं निकलने से स्थानीय ग्रामीण काफी परेशान थे. दर्जनों की संख्या में ग्रामीणों का जमवाड़ा भी अवैध खदान के पास लगा हुआ था. इधर देर शाम मिली जानकारी के अनुसार पुलिस घटनास्थल के लिए रवाना हुई थी.

इधर इस मामले में वन उपवन पदाधिकारी प्रियेश कुमार ने कहा कि मुझे नहीं पता है यह खदान वन क्षेत्र में है या बाहर. मामले की जांच में वन सीमा के भीतर खदान होने पर खदान संचालक के बिरुद्ध वन अधिनियम के तहत मुकदमा किया जाएगा.

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